बिहार विधान परिषद में सोमवार को बजट सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा। राबड़ी देवी के नेतृत्व में सदस्यों ने नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा। दरभंगा के अमानवीय अपराध का जिक्र कर सुनील सिंह ने सदन को हिला दिया, जिसके बाद राबड़ी ने चिल्लाया कि प्रदेशभर में बेटियां असुरक्षित हैं।
इस हंगामे से उकताए सीएम नीतीश ने जवाब दिया, ‘पहले सत्ता में रहकर इन्होंने कुछ हासिल नहीं किया। महिलाओं के उत्थान में इनका कोई योगदान नहीं। हम कार्रवाई करते हैं, बिहार विकास के पथ पर अग्रसर है।’ विपक्ष की ओर देखते हुए उन्होंने कड़ा रुख अपनाया, ‘इन हंगामेबाजों पर सख्ती बरतनी चाहिए। क्या ये सदन चलाने का तरीका है?’
सदन से पहले परिसर में भी नारेबाजी हुई। राबड़ी देवी ने पत्रकारों से कहा, ‘मुख्यमंत्री और सम्राट चौधरी को जाना चाहिए। महिलाओं, दलितों और पिछड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। हत्याएं रुकें।’ यह नाटकीय घटना बिहार विधानमंडल की गतिविधियों को नई ऊंचाई देगी। आने वाले दिनों में बहस और तेज होने की उम्मीद है।