अमेरिकी राजधानी में इमिग्र्रेशन और चुनावी नियमों पर गतिरोध गहरा गया है। हाउस डेमोक्रेटिक लीडर हकीम जेफ्रीज ने चेतावनी जारी की कि आईसीई की अतिरिक्त कार्रवाइयां आम नागरिकों के अधिकारों का हनन कर रही हैं और चुनावी लोकतंत्र को खतरे में डाल रही हैं।
सीएनएन इंटरव्यू में जेफ्रीज ने फंडिंग बिल को सुधारों से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि संघीय एजेंटों का व्यवहार नियंत्रण से बाहर है और सुधार जरूरी हैं ताकि प्रवर्तन न्यायपूर्ण बने। नागरिकों पर जुल्म के उदाहरण देते हुए उन्होंने फंडिंग रोकने की बात कही।
प्रमुख मांगें हैं- बॉडी कैमरा, मास्कबंदी, वारंट अनिवार्य और स्थानीय अभियोजन की शक्ति। जेफ्रीज ने साफ कहा कि निजी घरों पर बिना वारंट हमला नहीं चल सकता।
पांच दिनों में डेडलाइन आने को है, जिससे कोस्ट गार्ड, FEMA और TSA प्रभावित हो सकते हैं। आईसीई को मौजूदा फंड के बावजूद जेफ्रीज सुधारों पर अड़े हैं। ट्रंप के ‘रिपब्लिकन सेव एक्ट’ को वोट दबाव का हथियार बताया।
ओबामा जोड़े पर विवादास्पद पोस्ट और ट्रंप के नाम पर हब नामकरण की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया दी। जेफ्रीज ने माफी की मांग की और इसे राष्ट्रपति की अहंकारी शैली करार दिया। यह टकराव अमेरिकी राजनीति की नई जंग का रूप ले चुका है।