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    Home»India»एम्स रायबरेली में स्टाफ की किल्लत, राज्यसभा में कांग्रेस सांसद ने लगाई सुई
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    एम्स रायबरेली में स्टाफ की किल्लत, राज्यसभा में कांग्रेस सांसद ने लगाई सुई

    Indian SamacharBy Indian SamacharFebruary 9, 20262 Mins Read
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    राज्य
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    सोमवार को राज्यसभा में स्वास्थ्य सेवाओं और किसान संकट पर चर्चा ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद प्रमोद तिवारी ने एम्स रायबरेली को केंद्र में ला खड़ा किया, जहां 12 साल बाद भी डॉक्टरों व सुविधाओं की भयावह कमी बनी हुई है। यह संस्थान न तो मरीजों की पूर्ण सेवा कर पा रहा है और न ही शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे पा रहा।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि 960 बेड का लक्ष्य अब 610 पर सिमट गया है। 200 सीनियर डॉक्टरों के पदों पर केवल 37 और 33 प्रोफेसरों में से 7 ही कार्यरत हैं। 2013 के यूपीए काल में सोनिया गांधी के नेतृत्व में शुरू इस प्रोजेक्ट को राजनीतिक कारणों से ठप किया जा रहा है, तिवारी ने आरोप लगाया। हालिया बजट में इसे कुछ नहीं मिला, जो शिक्षा-स्वास्थ्य को राजनीति का शिकार बनाने का प्रमाण है।

    दूसरी ओर, रजनी अशोकराव पाटिल ने महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के दर्द को बयां किया। बीड में 250 से ज्यादा किसान आत्महत्याओं का हवाला देते हुए उन्होंने जलवायु परिवर्तन, सूखा-बाढ़ और कर्ज के चक्रव्यूह का जिक्र किया। गरीब किसान छोटे कर्ज के ब्याज में डूब जाते हैं, जबकि धनाढ्य विदेश भाग जाते हैं। एमएसपी को कानूनी दर्जा देकर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।

    सदन की ये आवाजें नीति निर्माताओं के लिए चेतावनी हैं कि स्वास्थ्य और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में देरी घातक साबित हो सकती है।

    AIIMS Raebareli Doctor Shortage Farmer Suicides Healthcare Infrastructure Marathwada Crisis MSP Guarantee Pramod Tiwari Rajya Sabha Debate
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