‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का दूसरा भाग विशेष रूप से यादगार रहा जब गुजरात के भाई अवि और जय स्टेज पर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने जय को गले लगाते हुए 2022 की पुरानी मुलाकात की याद दिलाई।
‘तुम दोनों ने तो काफू बड़ा लिया है। छात्रों को बताओ हमारी कहानी,’ पीएम ने हंसते हुए कहा। बाकी बच्चों से पूछा कि क्या ये बहादुर बन गए, तो जोरदार हां मिली।
गुजरात के आदिवासी छात्रों के सवालों पर शिक्षा प्रणाली, तनाव मुक्ति, भविष्य के रास्ते और समुदाय के योगदान की चर्चा छिड़ गई। लोक कला युक्त जैकेट और स्थानीय बोली में अभिवादन ने उत्साह बढ़ाया। एक छात्र ने कहा, ‘आपसे मिलकर गर्व महसूस हो रहा है।’
विकास कार्यों की प्रेरणा बताते हुए मोदी जी ने पाल-चितरिया अकाल की कठिनाइयों का जिक्र किया। ‘आजादी के उस संघर्ष ने शिक्षा की जरूरत सिखाई। सीएम रहते उमरगांव-अंबाजी मार्ग पर साइंस स्कूल खोले, जो आज लाखों को लाभ पहुंचा रहे।’
पीएम ने विकास के लिए शिक्षा और मजबूत नींव पर बल दिया। सत्र समाप्ति पर छात्र प्रेरित होकर राष्ट्र सेवा का संकल्प लेते नजर आए, जो पीएम के जुड़ाव का प्रमाण है।