प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के दूसरे भाग में छात्रों से अपील की कि एआई जैसी तकनीकों से घबराएं नहीं, बल्कि इन्हें अपना हथियार बनाएं। नई दिल्ली से प्रसारित इस सत्र में उन्होंने तकनीकी गुलामी से बचने पर जोर दिया।
कोयंबटूर के आदि विक्रम के सवाल पर- एआई से डरें या नहीं, नौकरियों पर असर?- पीएम ने कहा, हर युग की नई तकनीक डराती है, लेकिन हमें गुलाम नहीं बनना। स्वयं को निर्णायक बनाएं।
बच्चों की मोबाइल पर निर्भरता पर दुख जताया। फोन के बिना भोजन, स्क्रीन के बिना जीवन असंभव। यह दासता है। संकल्प लें कि गुलाम नहीं बनेंगे, तकनीक का पूरा उपयोग करेंगे।
एआई का सही तरीका बताया- किताब ढूंढने में मदद लें, लेकिन अध्ययन छोड़कर उत्तर न मांगें।
कैरियर के लिए सुझाव: नौकरी के स्वरूप को बदलें, तकनीक से अपनी क्षमता बढ़ाएं। मूल्य संवर्धन करें। तब हर नई तकनीक फायदेमंद सिद्ध होगी।
पीएम का यह संवाद युवाओं को सशक्त बनाता है, जो डिजिटल दुनिया में नेतृत्व करने को तैयार करता है।