पाकिस्तान का स्वास्थ्य क्षेत्र 2025 में भयानक संकट से जूझ रहा है, क्योंकि 3,800 से 4,000 डॉक्टरों ने देश त्याग दिया। प्रवासन आंकड़े इस ऐतिहासिक पलायन की पुष्टि करते हैं, जो सिस्टम की कमजोरियों को नंगा कर देते हैं।
2010 के बाद तेजी पकड़ी इस लहर अब रिकॉर्ड स्तर पर है। सालाना 22,000 डॉक्टर बनते हैं, कुल 3.70 लाख पंजीकृत हैं, किंतु 25 करोड़ जनसंख्या के लिए 2.50 लाख सक्रिय जरूरी। कई निष्क्रिय हैं।
मुख्य समस्या: जर्जर ढांचा और रूढ़ियां जो 35 प्रतिशत महिलाओं को (2023 गैलप अनुसार) काम से वंचित रखती हैं। सामाजिक दबाव, बेरोजगारी या रात के असुरक्षित सफर इसका कारण।
घटिया सैलरी छोड़ने पर मजबूर करती है। कठिन परिस्थितियों के खिलाफ प्रदर्शन सरकारी अनदेखी से शांत। शहरी偏向 ग्रामीण मरीजों को शहरों की ओर धकेलता है, कर्मचारियों को थका देता है।
आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वातावरण न मिलने से प्रतिभाएं विदेश पलायन करती हैं। सुधारों—वेतन, विस्तार, सुरक्षा—से ही डॉक्टर बंधे रहेंगे और स्वास्थ्य मजबूत होगा।