जनकपुरी में सड़क गड्ढे में युवक कमल ध्यानी की दर्दनाक मौत ने दिल्ली पुलिस और सरकार को निशाने पर ला दिया। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने इसे महालापरवाही का प्रतीक बताते हुए पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा को फौरी सस्पेंड करने की मांग की। उन्होंने इसे हादसा नहीं, बल्कि साजिशपूर्ण लीपापोती का मामला करार दिया।
पुलिस के पास कमल की मोबाइल लोकेशन का डेटा था, जो समय पर परिवार को न देकर जान जोखिम में डाल दी गई। भारद्वाज ने मृतक को बदनाम करने की कोशिशों का पर्दाफाश किया।
परिजनों को रातभर छह थानों में ठोकरें मिलीं, एफआईआर कहीं नहीं हुई। एसएचओ सुरक्षित बने हुए हैं, जबकि सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति साफ दिखी।
साइट पर शुरू में बैरिकेड का नामोनिशान न था। मंत्री-पुलिस के पहुंचने के बाद तमाशा रच दिया गया। आसपास सीसीटीवी मौजूद हैं, लेकिन फुटेज छिपाए जा रहे हैं, जो सच्चाई दबाने का संकेत है।
भारद्वाज ने फुटेज जारी करने, पूरी जांच और कमिश्नर हटाने का एलान किया। आप का मानना है कि यह कदम न सिर्फ मौत पर, बल्कि उसके बाद की ज्यादतियों पर लगाम लगाएगा। राजधानी की सड़कें घातक जाल बनी हुई हैं, इसे रोकने की जरूरत है।