बांग्लादेश के दिनाजपुर जेल से दर्दनाक खबर आई है, जहां पूर्व सांसद और अवामी लीग के कद्दावर नेता रमेश चंद्र सेन की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। सुबह करीब 9:10 बजे बीमार होने पर उन्हें दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन 9:29 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जेल प्रशासन के मुताबिक, सेन अगस्त 2023 से हिरासत में थे और उन पर हत्या सहित तीन गंभीर मामले दर्ज थे। जेल अधीक्षक ने कहा कि शव सौंपने से पहले सभी प्रक्रियाएं पूरी होंगी।
ठाकुरगांव के रहने वाले सेन ने रंगपुर कारमाइकल कॉलेज से पढ़ाई की और जल संसाधन मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे पांच बार लोकसभा पहुंचे, लेकिन 2024 के बड़े विद्रोह के बाद उनकी राजनीतिक यात्रा थम गई।
यह मौत अवामी लीग समर्थकों के लिए झटका है, क्योंकि हाल के दिनों में जेलों में कई नेताओं की ऐसी ही मौतें हुई हैं। अंतरिम सरकार पर निशाना साधते हुए विपक्षी दल दमनकारी नीतियों का आरोप लगा रहे हैं।
ढाका और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मानवाधिकार संगठन स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। देश के नाजुक दौर में यह घटना राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है, इसलिए तत्काल सुधार आवश्यक हैं।