बीजापुर में एक और बड़ा झटका माओवादियों को लगा। 30 कैडरों ने राष्ट्रपति के बस्तर विजिट के समय आत्मसमर्पण कर दिया। ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत 20 महिला और 10 पुरुष कैडर मुख्यधारा में शामिल हुए। ये साउथ सब जोनल ब्यूरो के थे, जिन पर 85 लाख का इनाम था।
इनमें वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे जैसे कमांडर, कमेटी सदस्य और जनताना सरकार चेयरमैन। उन्होंने विस्फोटक सामग्री सुरक्षा बलों को सौंपी। डीआईजी नेगी, एसपी यादव की उपस्थिति में हुआ यह कार्यक्रम। विशेष बलों की मेहनत रंग लाई।
क्षेत्र में सक्रियता और संवाद से सफलता मिली। एसपी ने माओवाद छोड़ने की सलाह दी। आईजी ने कहा कि संगठन का अंत नजदीक है। विकास कार्यों से आधार सिमट रहा। अपील की कि शांति चुनें। 2024 में बीजापुर के आंकड़े प्रभावशाली: 918 सरेंडर, 1163 गिरफ्तें, 232 मारे गए। 50 हजार सहायता और कानूनी मदद से नया जीवन।