सीपीआई के राज्यसभा सदस्य पी. संदोष कुमार ने वायनाड भूस्खलन प्रभावितों के लिए केंद्र से विशेष मदद न मिलने पर गृह मंत्री अमित शाह को कड़ा पत्र लिखा है। उन्होंने इसे केंद्र की असंवेदनशील राजनीति का प्रमाण बताते हुए केंद्रीय नीति पर सवाल उठाए।
जुलाई 2024 में चूरलमाला, मुंडक्कई व मेप्पाडी में भूस्खलन से 400 से अधिक मौतें, अनगिनत घायल और बेघर परिवार हुए। संपत्ति व ढांचे को करोड़ों का नुकसान पहुंचा। केरल के इतिहास की यह सबसे बड़ी त्रासदी थी।
कुमार ने उल्लेख किया कि विपदा के समय केंद्र से बिना शर्त सहायता अपेक्षित थी। लेकिन राज्य सरकार की मांगें, संसदीय प्रयास और सांसदों की गुहार बेकार रहीं। कोई विशेष अनुदान नहीं दिया गया।
एलडीएफ सरकार ने वित्तीय संकट के बावजूद सामूहिक शक्ति से कमाल कर दिखाया। सभी सुविधायुक्त पुनर्वास कॉलोनियां बनकर तैयार हैं। स्थायी घर, बुनियादी ढांचा और जीविका सहायता उपलब्ध। सांसद ने नेताओं संग निरीक्षण कर फोटो संलग्न किए।
केंद्र का कर्ज-आधारित सहयोग भाजपा की राजनीतिक मजबूरी उजागर करता है। केरल को आर्थिक दबाव में लाने की कोशिश हुई। लेकिन जनता एलडीएफ के साथ अटल रही।
संदोष कुमार ने कहा कि संघवाद तभी मजबूत जब राहत बिना भेदभाव के मिले। उन्होंने शाह से पक्षपातपूर्ण रवैये पर पुनर्विचार कर मानवीयता व जिम्मेदारी निभाने को कहा।