भाजपा मुख्यालय में शनिवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, हमारे पास संख्याबल है, मार्शल से सदन चला सकते हैं लेकिन लोकतंत्र पर हमारा पूरा भरोसा है। यह बयान पीएम मोदी के लोकसभा संबोधन पर विपक्षी हंगामे के संदर्भ में आया।
सदन में गरमागर्म बहसें सामान्य हैं, लेकिन कार्यवाही रोकना सोचने लायक है। हम बातचीत को प्राथमिकता देते हैं। कांग्रेस के 40 से ज्यादा सांसद स्पीकर ओम बिरला से मिले, मगर पीएम की गरिमा सर्वोपरि है। बिरला ने राज्यसभा में संबोधन का सुझाव दिया।
केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए रिजिजू ने बिहार को पूर्वांचल का केंद्र बिंदु माना। यहां रेल, एमएसएमई और ग्रामीण रोजगार के लिए भारी प्रावधान हैं। 2014 से चली नीतियों पर आधारित यह बजट पूर्वी भारत को नई उड़ान देगा।
मोदी के तीसरे कार्यकाल में सुधारों की रफ्तार तेज है। रिफॉर्म एक्सप्रेस रुकेगी नहीं। उच्च स्तरीय कमिटी बाधाओं को समाप्त कर 2047 के विकसित भारत का सपना सजाएगी। यह बयान राजनीतिक संतुलन और विकास प्रतिबद्धता को दर्शाता है।