सुबह की पहली नजर में जीभ सफेद दिखे तो सावधान! आयुर्वेद इसे आम दोष का प्रमाण मानता है, जो पाचन तंत्र को खराब कर बड़ी बीमारियों की जड़ बन जाता है। आम तब बनता है जब भोजन सड़कर शरीर में जहर फैलाने लगे।
जीभ रोगों की किताब है। चिकित्सक इसका रंग देखकर पेट की खराबी या संक्रमण का पता लगाते हैं। आम से मेटाबॉलिज्म रुक जाता है, पेट में गैस, मल त्याग रुकना, दर्द शुरू हो जाता है। धीरे-धीरे रक्त दूषित होकर जोड़ों के दर्द, शुगर, दिल की कमजोरी लाता है।
उपचार आसान हैं। रोज 14-16 घंटे का उपवास रखें – रात का भोजन जल्दी, सुबह देर से। भूख लगे तो गुनगुना पानी पिएं। पाचन शक्ति मजबूत होगी।
तीनों मसाले – जीरा, धनिया, सौंफ – पानी में पकाकर काढ़ा तैयार करें। पूरे दिन घूंट-घूंट पिएं। यह अंदर की गंदगी साफ कर नलिकाओं को खोल देगा।
अग्निसार क्रिया करें: खाली पेट नाभि अंदर धकेलें बार-बार। यह अग्नि जला कर आम नष्ट करती है।
गुनगुना पानी ही पिएं, ठंडा टॉक्सिन जमा करता है। सफेद जीभ को संकेत समझकर तुरंत कदम उठाएं, बीमारी रोकें।