शाहिद कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘ओ रोमियो’ कानूनी पेचीदगियों में फंस गई। हुसैन उस्तारा की बेटी सनोबर शेख ने कोर्ट में याचिका देकर रिलीज पर रोक लगाने की मांग की। वजह? फिल्म में उनके पिता को खूंखार बदमाश की तरह पेश करना।
खुद सनोबर ने खुलासा किया, ‘मेरे पिता नेक थे, पुलिस की मदद से गैंगस्टरों का सफाया किया। उनके पास आधिकारिक हथियार और सुरक्षा कवच था। लेकिन फिल्म में उन्हें गुंडा दिखाया।’ ट्रेलर के हिंसक दृश्यों, गंदी बातचीत ने आग में घी डाला।
कुछ महीने पहले शाहिद की फोटो से संदेह जगा, अब ट्रेलर ने पुष्टि कर दी। सनोबर ने कहा, ‘सच्चाई दिखाओ या नाम न लो, वरना लोग जोड़ देंगे।’ वास्तविकता में उस्तारा प्रोड्यूसर थे, जिन्होंने हुसैन को बहन माना, प्रेमिका नहीं।
हुसैन जैदी की किताब से प्रेरित यह फिल्म फैक्ट्स से छेड़छाड़ कर रही। पिता के गुजरने के 28 बरस बाद परिवार त्रस्त। बच्चे सवाल पूछते हैं, समाज ताने मारता। ‘क्राइम रोकने वाले को क्रिमिनल न बनाओ,’ अपील की सनोबर ने।
प्रतीक सरना जैसे सम्मानित लोगों की तारीफ बेकार? आक्रामकता को हिंसा समझना भूल। तृप्ति डिमरी के साथ शाहिद की यह फिल्म अब कोर्ट के हवाले। बॉलीवुड को सबक लेना होगा।