प्रदेश में गन्ना उद्योग को मजबूती देने के लिए बागपत की सहकारी चीनी मिल का विस्तार मंजूर। 5000 टीसीडी वाली इस नई इकाई से किसानों को भारी लाभ होगा। पीआईबी सचिवालय की 101वीं बैठक में मुख्य सचिव एसपी गोयल ने संशोधित प्रस्ताव को अपनी सहमति दी।
2500 टीसीडी से क्षमता दोगुनी होगी और रिफाइंड शुगर के उत्पादन की सुविधा जुड़ेगी। कुल खर्च 407 करोड़ रुपये का अनुमान है—आधा राज्य पूंजी से, आधा ऋण से। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 100 करोड़ रुपये ऋण का प्रावधान शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा गया।
क्षेत्र में गन्ने की भरमार है, पांच वर्षों तक प्रतिवर्ष 8 लाख टन पेराई के लिए तैयार। पुरानी मशीनरी की वजह से ऊर्जा की बर्बादी हो रही है। पिछले सत्र में मिल ने 4.49 लाख टन का काम किया, बाकी निजी क्षेत्र को मिला।
आधुनिक उपकरण जैसे 67 बार प्रेशर बॉयलर, 100 टीपीएच क्षमता, 10 एमडब्ल्यू टरबाइन और एसीवीएफडी मोटरें लगेंगी। पेराई 22 घंटे में निपटेगी, जिससे सत्र संक्षिप्त होगा और भुगतान में तेजी आएगी। सल्फर रहित रिफाइंड शुगर से लागत घटी और बाजार क्षमता बढ़ेगी।
परियोजना से नौकरियां पैदा होंगी, आय में वृद्धि होगी और उत्तर प्रदेश के चीनी पट्टी का उत्थान होगा। यह निर्णय कृषि सहकारिता के लिए मील का पत्थर साबित होगा।