केंद्र सरकार ने ग्रामीण शासन को बल देने के लिए 1,133 करोड़ रुपये का अनुदान तीन राज्यों को सौंपा। शुक्रवार की इस घोषणा से मध्य प्रदेश, पंजाब व तेलंगाना की हजारों पंचायतें मजबूत होंगी। 15वें वित्त आयोग के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जारी यह धनराशि पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के काम आएगी।
मध्य प्रदेश में 652.55 करोड़ की दूसरी अप्रतिबंधित किश्त 2024-25 के लिए है, जो 52 जिलों, 312 ब्लॉकों और 23,001 ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी। पहले रोके 77 लाख रुपये भी अब उपलब्ध हैं।
पंजाब को 222 करोड़ रुपये 2025-26 की पहली किश्त के रूप में मिले, लाभ 22 जिला, 150 ब्लॉक और 13,262 ग्राम पंचायतों को।
तेलंगाना के खाते में 256.03 करोड़ की पहली किश्त गई, 12,702 ग्राम पंचायतों के लिए। पुरानी रोकी राशि 2.33 करोड़ भी 40 ब्लॉकों व 11 गांवों को मिल गई।
ये अनुदान लचीले हैं, वेतन बाहर रखकर स्थानीय आवश्यकताओं पर खर्च। स्वच्छता, ओडीएफ, कचरा प्रबंधन, जलापूर्ति, संचयन और पुनर्चक्रण जैसी सेवाओं को प्राथमिकता। सरकार का यह प्रयास गांवों के समग्र विकास को गति देगा।