बॉलीवुड की मधुर आवाज पलक मुच्छल ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा कर फैंस को भावुक कर दिया। चार साल की उम्र से गाने वाली पलक को 26 साल पहले मिला सम्मान आज भी उनकी प्रेरणा का स्रोत है।
5 फरवरी 2000 का वह दिन जब उपराष्ट्रपति कृष्णकांत ने गायन की प्रतिभा के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिया, पलक के लिए अविस्मरणीय रहा। उन्होंने लिखा, ‘यह तारीख मेरे दिलो-दिमाग में हमेशा रहेगी। उस सम्मान को पाकर लगा जैसे सपने सच हो गए।’
मासूमियत भरे सपनों और अटूट विश्वास की बात करते हुए पलक ने कहा कि जुनून हो तो उम्र मायने नहीं रखती। सफर के हर पड़ाव, हर गुरु और आशीर्वाद के प्रति कृतज्ञता जताई। युवा दिलों को छूने वाले उनके गीत आज भी चार्टबस्टर्स हैं।
संगीत के अलावा पलक सामाजिक सेवा में अग्रणी हैं। कंसर्ट से कमाई का बड़ा हिस्सा दिल की बीमारी से ग्रस्त गरीब नन्हों के इलाज में लगाती हैं, लगभग 3,000 बच्चों को नई जिंदगी दे चुकी हैं। निजी फंड भी इसमें झोंक देती हैं।
ऐसी प्रेरक कहानियां युवाओं को आगे बढ़ने की हिम्मत देती हैं, और पलक इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।