शुक्रवार को रिलीज हुई ‘गोदान’ गौमाता पर बनी अनोखी फिल्म है, जो सनातन मूल्यों को विज्ञान के साथ जोड़कर दर्शाती है। लखनऊ से शुरू हुई यह फिल्म पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रचारक शांतनु शुक्ला के अनुसार, यह चित्रपट हमें अपनी सांस्कृतिक धरोहर से पुनर्संयोजित करता है। गौमाता की उपयोगिताओं को वैज्ञानिक तथ्यों से सिद्ध किया गया है, जो युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।
सच्ची कहानियों से बुनी प्लॉट गहरा संदेश देती है—जड़ों से जुड़ना ही सुख का मार्ग है। बॉलीवुड के परिवर्तन का प्रतीक बनकर ‘गोदान’ नई विधाओं को बढ़ावा दे रही है।
राज्य नेताओं और आध्यात्मिक गुरुओं के सहयोग से मजबूत हुई यह फिल्म पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक जागरूकता का प्रतीक बनेगी। दर्शक इसे सराह रहे हैं।