जम्मू-कश्मीर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने रेल मंत्री को पत्र भेजकर कश्मीर में तीन रेल परियोजनाओं पर लगी रोक का स्वागत किया है। उन्होंने उपजाऊ खेतों को बचाने के लिए बंजर जमीन से नई लाइनें बिछाने और फल कॉरिडोर विकसित करने का सुझाव दिया है। इससे किसानों की चिंताएं दूर होंगी।
मुफ्ती के अनुसार, लाखों परिवारों को इस फैसले से संजीवनी मिली है। कश्मीर की 66 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर आश्रित है, लेकिन खेती योग्य भूमि सीमित है। पूर्व के सड़क प्रोजेक्ट्स ने पहले ही जमीन छीनी है, जिससे छोटे किसक परिवार संकट में हैं।
बेरोजगारी से जूझते युवाओं के कारण पूरा परिवार खेती पर निर्भर है। उच्च निवेश वाली खेती में जोखिम बढ़ गया है। अस्थायी रोक से राहत है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए पुनर्संरचना जरूरी है, जो 15 लाख परिवारों की रक्षा करेगी।
विकास और संरक्षण का संतुलन आवश्यक है। राष्ट्रीय राजमार्ग की अनिश्चितताओं के बीच फल कॉरिडोर रेल से संभव है। साथ ही, चिनाब और पीर पंजाल क्षेत्रों को रेल से जोड़ने की मांग की, जहां सड़कें अविश्वसनीय हैं। 70 वर्षों से अधिक समय बाद भी ये क्षेत्र उपेक्षित हैं। मुफ्ती ने त्वरित सकारात्मक कदम की अपेक्षा की।