राबड़ी देवी के तीखे बयान से बिहार की सियासत में भूचाल आ गया। नीट छात्रा की मौत को लेकर उन्होंने मंत्री के बेटे को बचाने का आरोप लगाया तो डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने चुनौती दी- सबूत लाओ या कार्रवाई भुगतो। 24 घंटे का समयसीमा तय कर दिया गया।
बजट सत्र के तीसरे दिन विधान परिषद के बाहर आरजेडी नेता राबड़ी ने हंगामा किया। पूरे बिहार में अपराध चरम पर होने का दावा करते हुए गृह मंत्री की चुप्पी पर निशाना साधा। केस को सीबीआई सौंपना लीपापोती का हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार अपराधियों को ढाल रही क्योंकि वे सत्ता में हैं। केंद्र नियंत्रित सीबीआई से न्याय की उम्मीद नाकाफी। 6 जनवरी को चित्रगुप्त नगर हॉस्टल में छात्रा बेहोश मिली, कोमा के बाद 11 को मौत हो गई। परिवार ने दबाव का आरोप लगाया।
चौधरी ने कहा, ‘कोई छुपा नहीं सकता। मंत्री पुत्र हो तो भी सजा मिलेगी। बेटियों की रक्षा हमारा वादा।’ राबड़ी के बयानों को छुपाव बताया। जेडीयू के नीरज ने इसे सुर्खियां चुराने का धंधा कहा।
विजय सिन्हा का परिवार से भेंटजलुस और एसआईटी की जांच जारी। सीबीआई सिफारिश के बीच यह टकराव बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।