6 फरवरी 2022 को स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर हमें छोड़ गईं, लेकिन उनकी गायकी की गूंज अनंत है। सात दशक के करियर में उन्होंने हिंदी फिल्मों को नई पहचान दी और 38+ भाषाओं में जादू बिखेरा। उनके पुरस्कार उनकी कला का प्रमाण हैं।
1950-80 का दौर उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि का था। 1974 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने रिकॉर्ड गानों के लिए नाम दर्ज किया। यह उनके अतुलनीय योगदान का प्रतीक बना।
अमेरिका ने 1987 में सम्मानित किया मानद नागरिकता से। 1980 में जॉर्जटाउन यात्रा पर प्रशंसकों की भारी भीड़ ने चाबी भेंट की। सूरीनाम ने भी उसी साल ऐसा ही सम्मान दिया।
टोरंटो का 1985 का ‘एशिया डे’ उनके संगीत प्रेम का सम्मान था। 2000 में आईआईएफए अवॉर्ड और फ्रांस का लीजन ऑफ ऑनर पदक मिले।
लता मंगेशकर ने अपनी आवाज से दुनिया जीती। उनका जीवन संगीतकारों के लिए मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।