अमेरिकी राजधानी से बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री ए.के. अब्दुल मोमेन ने आगामी 12 फरवरी के चुनावों पर तीखा प्रहार किया। इन्हें ‘पहले से तय धोखा’ बताते हुए उन्होंने वाशिंगटन से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है। आईएएनएस साक्षात्कार में मोमेन ने कहा कि ज्यादातर दलों को प्रतिबंधित कर, 60-70% समर्थन वाली पार्टियों और 12 दलों के गठबंधन को बाहर करके यह चुनाव कुछ चुनिंदा लोगों का जमावड़ा बन गया है।
इसका उद्देश्य संविधान और राष्ट्रीय मूल्यों में हेरफेर है। स्थिरता या आर्थिक पुनरुद्धार की कोई गुंजाइश नहीं। निवेश ठप, अर्थव्यवस्था गिरावट पर, 20 लाख युवा सालाना बेरोजगार। यूनुस सरकार ने कट्टर गुटों को सत्ता सौंपी, जिससे हक-अधिकारों का दमन, भ्रष्टाचार चरम पर।
मोमेन ने इसे ‘नाकामयाब और बेबस’ प्रशासन कहा। अमेरिका को लोकतंत्र का पैरोकार बताते हुए चुनाव को ‘नाटक’ घोषित करने को कहा। पर्यवेक्षक न भेजने का फैसला सही। भारत-विरोधी हवा देकर असल मुद्दों से बचने की चाल को नकारा। पुराने समझौते पारस्परिक हितों के थे।
विदेश नीति असंतुलित, चीन की गोद में भारत को शत्रु बनाया। दक्षिण एशिया के लिए घातक। जिहादी तत्व सक्रिय, बांग्लादेश को नेस्तनाबूद करने को तैयार। मोमेन ने आगाह किया कि यह रवैया इतिहास में काला अध्याय लिखेगा। विश्व समुदाय को जागना होगा।