ओमान शुक्रवार से अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु वार्ताओं का केंद्र बनेगा। व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप की कूटनीतिक टीम ईरान से पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग करेगी। स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे।
ईरान के विदेश मंत्री पहले ही ओमान में डेरा डाले हैं। प्रेस सचिव लीविट ने बैठक स्थल बदलने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कूटनीति ट्रंप के लिए प्राथमिकता है, चाहे सहयोगी हों या विरोधी।
‘जीरो न्यूक्लियर कैपेसिटी’ पर ट्रंप अडिग हैं। लीविट ने चेताया कि बातचीत के दौरान अमेरिका की सैन्य ताकत को भूलना न पड़े। कोई समयसीमा या रियायत की घोषणा नहीं हुई।
खाड़ी क्षेत्र में तीसरे पक्षों के जरिए चली आ रही अप्रत्यक्ष कूटनीति अब प्रत्यक्ष रूप ले रही है। ओमान ने पहले भी बैकचैनल बातें सुगम बनाई हैं। परमाणु प्रतिबंध, राहत और सुरक्षा मुद्दे एजेंडे में प्रमुख। ट्रंप परिणामों पर नजर रखे हुए हैं। यह कदम शांति की ओर कदम बढ़ा सकता है।