युवाओं की सोच ने राष्ट्रीय पटल पर पहचान बनाई है। ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए सुझाव केंद्रीय बजट का हिस्सा बनकर उभरे हैं।
भारत मंडपम में 9-12 जनवरी को संपन्न कार्यक्रम में 3,000 युवाओं ने बहुआयामी विचार रखे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट में इनका जिक्र युवा भागीदारी को मजबूत करता है।
रितम भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री की एकाग्रता की सराहना की। दिशा गोयल ने बताया कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ अब हकीकत है। पीएम ने पहली बार मतदाताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन का विचार दिया।
दीपक शर्मा ने 65 प्रतिशत युवा आबादी को ताकत बताया। वैदिक संस्कृति पर आधारित ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ से वैश्विक अवसरों पर बल।
50 लाख युवाओं से शुरू चयन यात्रा क्विज, निबंध, राज्य चुनौतियों और इंटरव्यू से होकर 3,000 पर पहुंची। उत्तराखंड, पंजाब, गोवा के प्रतिभागियों ने उत्साह बयां किया।
कार्यक्रम में पीएम के आगमन ने जोश भरा। 25 जनवरी का पहलू कार्यक्रम की सफलता दर्शाता है। यह युवाओं को नेतृत्व की सीढ़ी देता है, विकास भारत का मार्ग प्रशस्त करता है।