मणिपुर के नव नियुक्त मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार को विधानसभा सत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में शांति स्थापित करना एक सामूहिक कार्य है, जिसमें सभी पक्षों की भूमिका अहम है।
कार्यालय संभालने के एक दिन बाद दिए गए इस बयान में उन्होंने 1993 के विनाशकारी कुकी-नागा संघर्ष की याद दिलाई, जिसमें सवा हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। ऐसी घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भविष्य में रोकथाम के उपायों पर जोर दिया।
“शांति लौटाना हम सबकी साझेदारी से संभव है,” उन्होंने कहा और विश्वास बहाली के लिए सहयोग मांगा, जो वर्तमान में विस्थापितों की वापसी और गतिशीलता में बाधा है।
मई 2023 से चले मेइतेई-कुकी जो संघर्ष के दौरान राष्ट्रपति शासन (13 फरवरी) के बीच विपक्षी विधायकों का आभार जताया। 61 वर्षीय भाजपा विधायक सिंह सिंगजामेई से 2017 व 2022 में विजयी रहे, 2017-22 तक स्पीकर रहे और बाद में मंत्री।
सत्राध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत ने सातवें सत्र को स्थगित किया। केंद्र द्वारा राष्ट्रपति शासन हटाए जाने से एनडीए सरकार का गठन सुगम हुआ।
यह नया अध्याय मणिपुर के लिए महत्वपूर्ण है, जहां एकजुटता से ही हिंसा के घाव भर सकते हैं और विकास की राह प्रशस्त हो सकेगी।