त्रिपुरा में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने टेलीमेडिसिन को हथियार बनाया है। गुरुवार को ‘सीएम का आम दरबार’ के 62वें सत्र में उन्होंने लोगों से वादा किया कि उन्नत चिकित्सा अब घर-घर पहुंचेगी।
आवास पर चली इस सभा में दूर-दराज से आए ग्रामीणों व शहरीजनों ने अपनी व्यथा सुनाई। स्वास्थ्य मंत्री साहा ने तुरंत समाधान के आदेश जारी किए, जो उनकी दूरदर्शिता को दर्शाते हैं।
‘राज्य में अब कई उन्नत उपचार उपलब्ध हैं। टेलीमेडिसिन से विशेषज्ञों की सलाह बिना यात्रा के मिल जाएगी,’ उन्होंने जोर देकर कहा। गरीब मरीजों को राज्य से बाहर भटकना अब जरूरी नहीं।
दुखी अनुकूल दास को बेटे की मौत पर 4 लाख की सहायता दी। पश्चिम ताइचलॉन्ग निवासी बिजनकन्या के पिता को फौरी दवाएं व इलाज का प्रबंध। गांकी के स्वपन पाल व धर्मनगर के बिस्वजीत के एप्लास्टिक एनीमिया के उन्नत उपचार की तैयारी।
दिल की बीमारी व अन्य गंभीर रोगों से जूझ रहे अगरतला, धर्मनगर व सिंगरबिल वासियों को पूर्ण सहयोग का वचन। स्वास्थ्य सचिव किरण गिट्टे, तापस रॉय व डॉ. समित रॉय चौधरी जैसे अधिकारियों की मौजूदगी में निर्देशों पर अमल तेज।
यह कदम न केवल चिकित्सा पहुंच को मजबूत करेगा, बल्कि आर्थिक बोझ भी कम करेगा। त्रिपुरा का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बनेगा।