केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि छात्रों की सृजनशीलता राज्य के सुनहरे कल को गढ़ेगी। बुधवार को ‘सीएम-वाईआईपी मीट’ उद्घाटन और यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम विजेताओं के साथ बातचीत में उन्होंने वास्तविक जीवन की चुनौतियों से जूझने वाली शिक्षा की वकालत की।
सीएम ने खुशी जताई कि नन्हे नवोदित समाज की परेशानियों—घर की मुश्किलों, सफर की दिक्कतों व सेहत संबंधी चिंताओं—को पहचानकर समाधान निकाल रहे हैं। इससे उनका कॉन्फिडेंस कई गुना बढ़ रहा है।
ये नवाचार नए केरल की परिकल्पना को बल दे रहे हैं। विदेश पढ़ाई की चाह रखने वालों के लिए एनओआरकेए का नया सिस्टम और संस्थानों की गुणवत्ता जांच ऐप उल्लेखनीय हैं।
सरकार उच्च शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने को प्रतिबद्ध है, केरल यूनिवर्सिटी देश में तेजी से उभर रही हैं। विजयन ने युवाओं को स्टार्टअप्स के जरिए जॉब क्रिएटर बनने का मंत्र दिया।
राज्य का शांत व स्थिर माहौल निवेशकों को खींच रहा है। एक बड़े समूह ने 3 लाख करोड़ के निवेश की पेशकश की, केरल की शांति को कारण बताते हुए। इसे कायम रखना राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है।
सीएम ने अपनी पढ़ाई की मेहनतों की कहानी सुनाई। 300+ वाईपी स्टार्स के प्रोटोटाइप शो और सर्टिफिकेट वितरण कार्यक्रम की शान बढ़ाया।
के-डीआईएससी की यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम वैश्विक सबसे विशाल इनोवेशन मिशन है। 1.2 मिलियन से अधिक 13-37 आयु वर्ग के सदस्यों को प्रोटोटाइप बनाने में मदद मिली।