बांग्लादेश के 12 फरवरी चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों पर संकट के बादल गहरा रहे हैं, इस्लामवादी ताकतों के उभरने से। ईयू रिपोर्टर की रिपोर्ट यूनुस सरकार को कोसती है, जो अर्थव्यवस्था बर्बाद करने, व्यापारियों को निशाना बनाने, अल्पसंख्यक हमलों को नजरअंदाज करने और विभाजन फैलाने का दोषी ठहराती है।
लीक ऑडियो में अमेरिकी कूटनीतिज्ञ जमात-ए-इस्लामी को दोस्त बनाने की इच्छा जाहिर करता है। रूस-प्रतिबंधित यह दल स्वतंत्रता विरोधी, पाकिस्तान-परस्त, ब्रदरहुड अनुयायी रहा, 1971 में नरसंहारक।
हिंदू विरोधी हिंसा से वंचित होने के बावजूद 2024-25 में पुनर्वापसी, अब शीर्ष पर। यूएस बैकिंग बड़ी भूल हो सकती। जमात की लोकप्रियता रूढ़ि को बल दे रही, महिलाओं पर हिंसा, खेल प्रतिबंध, बलात्कार बढ़े।
महिला शासित देश की यह हालत शर्मनाक। धार्मिक दरारें, रोहिंग्या बोझ, भारत विवादों के दौर में चुनाव स्थिरता नहीं ला पाएंगे, अल्पसंख्यक भय में जीने को मजबूर।