टी20 विश्व कप क्रिकेट का सबसे रोमांचक मंच है, जहां कुछ खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया। उन्होंने न केवल एक, बल्कि दो देशों के लिए यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट खेला। व्यक्तिगत फैसलों, स्थानांतरण और योग्यता नियमों ने इनकी यात्रा को अनोखा बना दिया। इनकी पूरी लिस्ट पर नजर डालते हैं।
श्रीलंकाई ऑलराउंडर शेहान जयसूर्या 2016 में अपने देश के लिए खेले। अब अमेरिकी टीम ने उन्हें 2026 के लिए चुना है। 18 टी20आई और वनडे अर्धशतक उनके रिकॉर्ड का हिस्सा हैं।
रीलोफ वान डर मर्व की कहानी प्रेरणादायक है। साउथ अफ्रीका से 2009-10 में वर्ल्ड कप खेला, फिर नीदरलैंड्स के साथ 2016-22 तक। उम्र के बावजूद 2026 में वापसी पक्की।
बाएं हाथ के बल्लेबाज मार्क चैपमैन हांगकांग (2014-16) से न्यूजीलैंड (2024) पहुंचे। डिर्क नैनेस ने ऑस्ट्रेलिया को 2009 में अलविदा कहा और 2010 में डच बने। तेज गेंदबाज डेविड वीजे साउथ अफ्रीका (2016) से नामीबिया (2021-24) चले गए।
कोरी एंडरसन ने न्यूजीलैंड को 2016 में छोड़ा और 2024 में यूएसए से डेब्यू किया। ये सभी उदाहरण बताते हैं कि टी20 क्रिकेट में प्रतिभा कहीं भी पहचानी जाती है। भविष्य में ऐसे क्रॉसओवर और बढ़ेंगे, जो खेल को समृद्ध करेंगे।