देश में डिजिटल क्रांति के नए दौर की शुरुआत हो गई है। भारतनेट योजना के तहत 2,14,904 ग्राम पंचायतें अब ब्रॉडबैंड से जुड़ चुकी हैं। राज्यसभा में राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने इस उपलब्धि की जानकारी दी, जो दिसंबर 2025 तक पूर्ण होगी।
सीमावर्ती और पिछड़े जिलों पर विशेष ध्यान देते हुए 23,694 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं उपलब्ध हो गई हैं।
कनेक्टिविटी का असर गहरा है। दूरस्थ गांवों में ऑनलाइन शिक्षा, दूरस्थ चिकित्सा और डिजिटल सरकारी सेवाएं आम हो गई हैं। नागरिकों को अब सेवाओं के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं।
ट्राई द्वारा QoS मानकों से सेवाओं की निगरानी हो रही है। सस्ती दरों पर सेवाएं देने के लिए दूरसंचार अधिनियम 2023 लागू हुआ और डिजिटल भारत निधि से दूरदराज क्षेत्रों को वित्तीय सहायता मिल रही है।
ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की यह यात्रा देश को डिजिटल महाशक्ति बना रही है, जहां हर गांव विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहा है।