झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यक्रम में कोडरमा पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय बजट को झारखंड विरोधी करार दिया। लोकाई में उन्होंने कहा कि खनिज धनी राज्य को बजट में एक पैसा नहीं दिया गया, जबकि इसके संसाधन पूरे देश को ऊर्जा देते हैं।
कोयले से लेकर लोहे तक, झारखंड ने सदियों से दिया है। सोरेन ने कहा कि आपूर्ति बंद होने पर दिल्ली-मुंबई की चमक फीकी पड़ जाएगी। ब्रिटिश काल से आदिवासियों ने संघर्ष किया, जेलें भर दीं, तब राज्य बना। फिर भी स्वतंत्र भारत में कारखाने लगे तो नौकरियां बाहर चली गईं।
झारखंड को जानबूझकर गरीब रखा गया ताकि सस्ता मजदूर मिले। अब सोरेन शासन में बदलाव आया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान, विदेशी पढ़ाई, सरवजन पेंशन जैसी योजनाएं जनता का भरोसा जीत रही हैं। कोडरमा में झामुमो का विस्तार हो रहा है।
मंत्री सोनू ने लोकप्रिय योजनाओं का श्रेय सीएम को दिया, बदलाव की भविष्यवाणी की। नई सदस्य शालिनी गुप्ता ने 15 साल के संघर्ष का जिक्र कर कहा कि झारखंड सपूतों का है। कार्यक्रम स्थल पर भारी सुरक्षा, डीसी व एसपी मौजूद।
जेजे कॉलेज में हेलीपैड पर गार्ड ऑफ ऑनर, पौधा भेंट। पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष जानकी यादव समेत नेता उपस्थित। यह आयोजन झारखंड की राजनीति में नया अध्याय जोड़ता है, जहां राज्य अपना हक मांगेगा।