प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा का जवाब देते हुए भारत की वैश्विक क्षमता पर जोर दिया। आर्थिक दमखम, जनता का उत्साह और उत्पादन इकोसिस्टम ने देश को मजबूत बनाया है, तभी दुनिया गंभीरता से पेश आती है।
वोटबैंक की चक्कर में फंसे नेताओं को लताड़ा कि उन्होंने राष्ट्र निर्माण को कभी तवज्जो नहीं दी। कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘न कोई दृष्टिकोण, न योजना, न दृढ़ संकल्प।’
नए व्यापार समझौते युवाओं के लिए वरदान साबित होंगे। गांव-शहर, मध्यम वर्ग के बेटे-बेटियां अब वैश्विक अवसरों का लाभ उठाएंगे। ‘मैं आपके साथ हूं, दुनिया आपकी काबिलियत का इंतजार कर रही है।’
कांग्रेस काल की भूलों को दुरुस्त करने में संसाधन खर्च हो रहे हैं। बदनाम छवि धोने का प्रयास जारी है। भविष्योन्मुखी नीतियों से देश नीतिनिर्देशित हो गया है, जिससे वैश्विक भरोसा बढ़ा और सुधारों की रेलगाड़ी दौड़ पड़ी।
अवैध घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हुए पीएम ने कहा कि सुपरपावर देश उन्हें खदेड़ रहे हैं, लेकिन भारत में कोर्ट पर दबाव बनाकर इनका बचाव हो रहा है। ये नौजवानों की आजीविका और आदिवासियों की जमीन हड़प रहे हैं, तथापि ज्ञान बांटने वाले सक्रिय हैं।