ईडी ने राजस्थान के जयपुर में पीएमएलए के प्रावधानों के तहत जोरदार प्रहार किया। विनायक लॉजिस्टिक्स कंपनियों और प्रवेश काबरा की 13.48 करोड़ रुपये की जमीन-जायदाद अटैच कर दी गई। अब कुल जब्ती 16.15 करोड़ पर पहुंच गई, जो ठगी की पूरी रकम के बराबर है।
इससे आरोपी न तो पैसा छिपा सकेंगे, न खर्च कर सकेंगे। सीबीआई की तीन एफआईआर और चार्जशीटों से प्रेरित जांच में साजिश उजागर हुई। आरोपी महंगे मार्बल व डोलोमाइट पाउडर को सस्ते फिटकरी-पुट्टी के नाम पर रेल में लाद रहे थे।
2021-22 के दौर में 120 रेक से ज्यादा का फर्जीवाड़ा। जाली नोट्स, गलत कोड से रेलवे व जीएसटी की चपत लगाई। जीएसआई की रिपोर्ट से 16.15 करोड़ का घोटाला साबित।
पहली कार्रवाई में 2.67 करोड़ अटैच। शेष रकम बिजनेस व निजी खर्चों से धोई जा रही थी। इसलिए गुरुग्राम का फ्लैट पकड़ा गया। ईडी की यह मुहिम रेल लॉजिस्टिक्स में व्याप्त भ्रष्टाचार पर ब्रेक लगाएगी। आगे की तफ्तीश में और खुलासे संभव।