लोकसभा में विपक्ष के उग्र प्रदर्शन, खासकर महिला सांसदों द्वारा, पर एनडीए सांसद भड़क उठे। भाजपा की धर्मशीला गुप्ता ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विपक्ष पर महिलाओं का अपमानजनक उपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार है।
प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रयासों का जिक्र करते हुए गुप्ता ने विपक्ष की वंशवादी मानसिकता की आलोचना की। मयंकभाई नायक ने कल को संसदीय इतिहास का काला दिन कहा, जबकि साक्षी महाराज ने राहुल गांधी की हार से उपजी निराशा को जिम्मेदार ठहराया।
अरुण गोविल ने विरोध की सुनियोजित प्रकृति पर हैरानी जताई। टीडीपी के लावू श्री कृष्ण देवरायलु ने सदन में पोस्टर लाने को अनुचित ठहराया और बाहर विरोध के रास्ते सुझाए। दिनेश शर्मा ने चेतावनी दी कि ऐसी हरकतें विपक्ष को जनता की नजरों में गिरा रही हैं।
संसदीय सत्र के दौरान यह विवाद दोनों पक्षों के बीच गहरी खाई को उजागर करता है। एनडीए सांसद परंपराओं का पालन करने और परिपक्व व्यवहार की मांग कर रहे हैं।