यूक्रेन संकट में कूटनीतिक राहत का संकेत मिला है। ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने एक्स पर खुलासा किया कि अबू धाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन 314 कैदियों के परस्पर आदान-प्रदान पर राजी हो गए हैं।
उन्होंने इसे उत्पादक शांति वार्ताओं का नतीजा बताया। ‘कई चुनौतियां बाकी हैं, मगर यह दिखाता है कि दृढ़ कूटनीति से वास्तविक सफलताएं हासिल हो रही हैं और यूक्रेन में शांति प्रयास तेज हो रहे हैं,’ विटकॉफ ने कहा। अबू धाबी की सकारात्मक चर्चाओं से अगले सप्ताहों में प्रगति की आशा है।
मंगलवार से शुरू हुई दो दिवसीय बैठक में यूक्रेन के सुरक्षा प्रमुख रुस्तम उमेरोव, अमेरिकी अधिकारी और मॉस्को-कीव के प्रतिनिधि मौजूद रहे। पिछले महीने की यूएई वार्ता में मामूली सफलता मिली थी, लेकिन बड़े मुद्दे लटके रहे। बुधवार की बैठक ने मानवीय मुद्दों पर फोकस किया।
जमीन पर पेच है। रुबियो ने इसे एकमात्र बड़ा विवाद बताया। रूस डोनबास के सभी हिस्सों पर कब्जा चाहता है, भले वे यूक्रेन के पास हों। जेलेंस्की दूसरी राहें सुझा रहे हैं जैसे पूर्वी क्षेत्रों से पीछे हटना और निष्क्रिय क्षेत्र बनाना। कीव मॉस्को की मांगें अस्वीकार करता आया है।
यह समझौता विश्वास बहाली का संदेश है। अबू धाबी जैसे तटस्थ मंच अमेरिका की मध्यस्थता से शांति की नींव मजबूत कर रहे हैं। युद्ध थमने की प्रबल संभावना नजर आ रही है, यदि वार्ताएं जारी रहीं।