भारत निर्वाचन आयोग ने पांच महत्वपूर्ण राज्यों के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर केंद्रीय पर्यवेक्षकों को व्यापक ब्रीफिंग प्रदान की। नई दिल्ली के संस्थान में 5-6 फरवरी 2026 को चलीं ये बैठकें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में हुईं, जिसमें चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू व डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहे।
714 सामान्य, 233 पुलिस और 497 व्यय पर्यवेक्षक तीन बैचों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल के 824 निर्वाचन क्षेत्रों में ये चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
आयोग ने पर्यवेक्षकों को अपनी ‘आंख-कान’ करार दिया। कुमार ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर बल दिया, संधू ने सहयोगी भूमिका निभाने को कहा और जोशी ने मतदाता पर्ची वितरण व निर्देश पालन पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मतदाता सूची तैयार करना, डिजिटल ऐप्स, मीडिया मुद्दे व अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। पर्यवेक्षकों को दलों व उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहने, शिकायतों का तत्काल समाधान करने व बूथ सुविधाओं की जांच के आदेश हैं। यह पहल चुनावों को निष्पक्ष बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।