रांची। हजारीबाग के बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआई अदालत ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा फरमान जारी किया। मोहम्मद असलम अंसारी (पप्पू मियां), मोहम्मद गुफरान व मोहम्मद कैफ पर 10-10 हजार का आर्थिक दंड भी ठोका गया।
दोषसिद्धि के तीन दिन बाद सजा सुनाई गई। दो अन्य, इरफान व इस्तखार, बरी हो गए। तीनों अब जेल की सलाखों के पीछे हैं।
6 फरवरी 2022 को बरही में सरस्वती पूजा विसर्जन के जश्न के बीच खौफनाक वारदात घटी। चाचा के साथ जुलूस देखने उतरा रूपेश अचानक घिर गया। असलम की अगुवाई में हिंसक भीड़ ने किशोर को लहूलुहान कर हत्या कर दी।
राज्यव्यापी रोष फूटा, जिलों में बवाल मचा। 27 नामजद के बीच पांच पर ही चार्जशीट। मां की हाईकोर्ट याचिका पर सीबीआई उतरी।
कांड 1/2024 के तहत ट्रायल चला। प्रियांशु सिंह की दलीलें निर्णायक रहीं। यह सजा न सिर्फ अपराधियों को सजा देती है, बल्कि धार्मिक आयोजनों में शांति की अपील भी करती है। झारखंड में सौहार्द की नई मिसाल।