भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च स्थान देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि 1.4 अरब नागरिकों के लिए विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिक लक्ष्य है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय बदलावों के अनुरूप स्रोत विविधता पर जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया, ‘यह प्राथमिकता बार-बार व्यक्त की गई है। सभी फैसले इसी दिशा में लिए जाते हैं और भविष्य में भी लिए जाएंगे।’
वेनेजुएला संबंधों का जिक्र करते हुए जायसवाल ने बताया कि यह ऊर्जा, व्यापार व निवेश में पुराना साझेदार है। आयात 2020 तक चला, प्रतिबंधों से ठप, फिर 2023 में पुनः प्रारंभ लेकिन दोबारा प्रभावित। 2008 से भारतीय पीएसयू पीडीवीएसए के साथ जुड़े हुए हैं।
‘व्यावसायिक लाभ के आधार पर हम किसी भी आपूर्तिकर्ता के विकल्प तलाशेंगे,’ उनका आश्वासन था।
पिछले सप्ताह पीएम मोदी और डेल्सी रोड्रिगेज के बीच फोन वार्ता ने गति पकड़ी। पीएमओ के अनुसार, दोनों ने ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल, स्वास्थ्य, कृषि व सांस्कृतिक क्षेत्रों में साझेदारी विस्तार पर एकमत हुए। पीएम के एक्स पोस्ट ने संबंधों को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।
यह रुख भारत को ऊर्जा संकटों से निपटने में सक्षम बनाता है, जहां लचीली नीति और मजबूत साझेदारियां देश की प्रगति को गति देंगी।