असमय की बारिश और ओलाबादी ने मध्य प्रदेश की फसल बेल्ट को झकझोर दिया। खेतों में कहर बरपाने वाली इस घटना से किसान परेशान हैं। सरकार ने नुकसान का सटीक आकलन करने हेतु सर्वे अभियान चला दिया है। जिला कलेक्टरों से लेकर मंत्रियों तक खेतों में डेरा डाले हुए हैं।
सीएम मोहन यादव ने सख्ती से सर्वे तेज करने के आदेश दिए। ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चैहान ने भितरवार के प्रभावित ग्रामों- खुर्दपार्क, जुझारपुर, भौरी, कछौआ आदि में दल तैनात किए। तीन दिन में रिपोर्ट चाहिए।
मंदसौर के मल्हारगढ़ में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने झारड़ा, अड़मालिया जैसे इलाकों में जाकर हाल जाना। किसानों को भरोसा दिलाया कि पूर्ण सर्वे के बाद सहायता पहुंचाई जाएगी। नारकोटिक्स अमला अफीम खेतों का मुआयना करेगा, केंद्र से भी मदद मांगी जाएगी।
यह विपदा कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है। बीमा योजनाओं का लाभ लेने वाले किसानों को प्राथमिकता। सर्वे से स्पष्ट होगा कि कितना नुकसान हुआ। सरकार की संवेदनशीलता से किसानों में नई उम्मीद जगी है।