भारत के ईएएम एस. जयशंकर ने अमेरिका यात्रा पूरी कर ली। 2-4 फरवरी का यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित हुआ। रुबियो से मुलाकात सहित कई उच्च स्तरीय बैठकें हुईं।
एक्स पर पोस्ट में जयशंकर ने दौरे को उत्पादक बताया। उन्होंने ऐतिहासिक व्यापार डील की अंतिम विस्तार पर जोर दिया, जो संबंधों में नई शुरुआत का संकेत देता है।
खनिज सहयोग में तेजी आई है। रक्षा, ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर आगे वार्ता की योजना है। संबंधों में साफ तौर पर मजबूत रफ्तार दिख रही है।
अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत में जयशंकर ने व्यापक मुद्दों को छुआ। रुबियो के साथ ट्रेड, एनर्जी, डिफेंस समेत कई क्षेत्र कवर हुए। फॉलो-अप पर त्वरित कार्रवाई का फैसला हुआ।
खनन और प्रोसेसिंग पर सहयोग को मजबूत करने की चर्चा प्रमुख रही। यह दोनों देशों के आर्थिक बंधन को सशक्त बनाएगा।
प्रेसिडेंट ट्रंप और पीएम मोदी की घोषणा के ठीक बाद का यह दौरा व्यापारिक रुकावटें दूर करने पर लक्षित था। भारत-अमेरिका साझेदारी अब वैश्विक पटल पर नई मिसाल बनेगी।