पूर्वी गोदावरी के राजमुंदरी के आसपास बाघ के दिखने से ग्रामीण इलाकों में भय व्याप्त है। पांच दिनों से जारी इस संकट के बीच वन विभाग ने पकड़ने का जोरदार प्रयास तेज कर दिया, जिसमें कई एजेंसियां जुटी हैं।
भूपालपटनम में मवेशी शिकार की घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। 20 किमी दूर शहरवासियों तक खतरा महसूस हो रहा। वन, पुलिस व आरएएफ की संयुक्त टीमें सुरक्षा व पकड़ सुनिश्चित कर रही हैं।
कलेक्टर कीर्ति चेकुरी के निर्देश पर स्कूल बंद कराए गए। येर्रमपालेम में तीन बछड़े मारे गए, पुण्यक्षेत्रम में गाय का शिकार हुआ। बाघ की गतिविधियां इसी क्षेत्र तक सीमित हैं।
नागरिकों से अपील है कि घरों में रहें, खासकर कमजोर वर्ग। खेत, बागान या जंगल अकेले न जाएं। बाघ को भड़काने से बचें, दर्शन पर तत्काल सूचना दें।
12 टीमें सक्रिय, जाल व दवाएं तैयार। पीसीसीएफ पी.वी. चलपति राव ने विशेषज्ञों की मदद से बेहोशी व स्थानांतरण की योजना बताई। बाघ 15 दिनों में 600 किमी पार कर आया।
दीवान चेरुवु, एनएच, स्कूल व सेंटर के पास हालिया साइटिंग्स से यातायात प्रभावित। विधायक बी. बलराम कृष्ण ने मंजूरी की बात कही। निगरानी कड़ी, जल्द पकड़ की उम्मीद।