उत्तर प्रदेश में मदरसों पर जांच के आदेश को लेकर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई भड़क गए। उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर मुसलमानों को टारगेट करने का आरोप लगाया। दलवई ने सुझाव दिया कि विदेशी फंडिंग की जांच हो तो आरएसएस केंद्रों और प्रमुख मंदिरों से शुरू हो, जहां विदेश से अरबों रुपये आते हैं।
मदरसों को गरीब बच्चों का सहारा बताया दलवई ने। मुस्लिम समुदाय की दरियादिली की मिसाल दी, जैसे त्योहारों पर गरीबों के लिए खर्च। ‘यह पुण्य कार्य है, इसे बदनाम क्यों किया जा रहा?’ उन्होंने सवाल किया।
दलवई ने कहा कि केवल मदरसों पर नजर रखना पक्षपातपूर्ण है। बड़े संगठनों को छोड़कर मुसलमानों को ही क्यों दबाया जा रहा? यह हिंदू वोटरों को उकसाने की चाल है। असम के ईसाई समुदाय पर हमलों का जिक्र कर इसे सियासी हथकंडा बताया।
यूपी के पिछड़ेपन पर रोया दलवई। वहां अवसर न मिलने से मजदूर महाराष्ट्र आकर कठोर श्रम कर रहे। धर्मांतरण और लव जिहाद को राजनीतिक मुद्दा बनाने पर नाराजगी। ‘व्यक्तिगत पसंद पर दखल क्यों? जबरन धर्म बदलना गलत, लेकिन प्यार में राजनीति क्यों?’
राहुल गांधी पर भाजपा के रवनीत बिट्टू के हमले को खारिज किया। कहा, केंद्र की किसान-विरोधी पॉलिसी और अमेरिकी डीलें देश के खिलाफ हैं। मोदी ट्रंप के आगे क्यों नतमस्तक? टैरिफ से उत्पादकों को झटका लगेगा।
अंत में दलवई ने कहा, सारी कारगुजारी वोट की भूख में हो रही। मदरसे, धर्म का मुद्दा—सब चुनावी दांव हैं जो एकता को तोड़ रहे।