अमेरिकी मीडिया एनबीसी न्यूज के शो में डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि चैटजीपीटी या क्लाउड जैसे एआई इंटरफेस उन्होंने इस्तेमाल नहीं किए। लेकिन इस तकनीक की ताकत वे अच्छी तरह समझते हैं और इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता मानते हैं।
ट्रंप ने एआई रेस में अमेरिका की श्रेष्ठता पर भरोसा जताया। “चीन से हम काफी आगे हैं, पूरी दुनिया से आगे।” उन्होंने एआई आधारित फैक्ट्रियों और ऑटो प्लांट्स के विस्तार का जिक्र किया, जो ऊर्जा संकट से निपटने के लिए स्वयं बिजली उत्पादन करेंगे।
नौकरी छिनने की आशंकाओं को खारिज करते हुए ट्रंप ने कहा, “इंटरनेट, रोबोट्स सबके आने पर डर फैला, लेकिन समझदार लोग फले-फूले। एआई भी नई संभावनाएं लाएगा।”
राष्ट्रपति पद की कठिनाइयों पर बात करते हुए उन्होंने इसे सबसे जोखिम भरा काम करार दिया। सुरक्षा खतरे बने रहते हैं, मगर नेतृत्व में साहस जरूरी है।
ट्रंप का यह बयान अमेरिका की एआई महत्वाकांक्षा को रेखांकित करता है, जहां निवेश और नवाचार से वैश्विक नेतृत्व सुनिश्चित होगा।