कश्मीर घाटी में सरकारी नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। ईओडब्ल्यू कश्मीर ने एफआईआर 76/2022 के तहत अफशां शबीर के विरुद्ध श्रीनगर सीजेएम कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। मामला एसकेआईएमएस सौरा में 2019 की भर्ती से जुड़ा है।
अफशां शबीर ने ब्रिटेन की नागरिकता और ओसीआई कार्ड छिपाकर स्थायी निवासी का प्रमाण-पत्र जमा किया। इन-सर्विस कोटे से आवेदन कर सहायक प्रोफेसर बनीं। जांच एजेंसी ने उनकी फाइलें, आवेदन और सर्विस रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की।
पूछताछ में कबूलनामा हुआ कि नौकरी से पूर्व ब्रिटिश पासपोर्ट हासिल कर लिया था। आरपीसी की धारा 199 व 420 के तहत धोखाधड़ी साबित हुई। सरकार ने 20 अगस्त 2022 के आदेश से नौकरी से हटा दिया।
इस घोटाले से योग्य उम्मीदवारों का हक मारा गया और खजाने को चूना लगाया। ईओडब्ल्यू की चार्जशीट के बाद अदालती कार्रवाई शुरू होगी।
प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। भविष्य में पासपोर्ट सत्यापन अनिवार्य करने की चर्चा जोरों पर है। जम्मू-कश्मीर में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए नई नीति बन सकती है।