पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल पर अब ताला लग चुका है—हमेशा के लिए। मालकिन का लाइसेंस जब्त, भविष्य में हॉस्टल चलाने पर रोक। डीजीपी के आदेश से यह बड़ी कार्यवाही हुई, जो नीट छात्रा की संदिग्ध मौत से उपजी।
प्रदेशव्यापी सुधार की इस कड़ी में गृह विभाग ने गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नई गाइडलाइंस सोद दिए। पंजीकरण बाध्यकारी, थानों की महिला डेस्क पर डिटेल्स जमा। संकट में तत्काल प्रतिक्रिया संभव हो सके।
महिला वार्डन की ड्यूटी चौबीसों घंटे। स्टाफ का पूरा सत्यापन पुलिस से। सीसीटीवी हर कोने में—गेट, कॉरिडोर, कैंटीन—30 दिनों की रिकॉर्डिंग स्टोर।
पुरुषों का बेडरूम एरिया में घुसना मनाही। उज्ज्वल बत्ती, सफाई, हेवी लॉक, ग्रिल्ड विंडो जरूरी। मेहमानों का रिकॉर्ड—नाम, फोन, आधार—रजिस्टर में। बायोमेट्रिक अटेंडेंस रात को चेक।
आपात नंबरों—112, पुलिस, हेल्पलाइन, अभया—के पोस्टर चिपकेंगे। 112 ऐप पर छात्राओं का प्रशिक्षण। पटना जैसे शहरों में कोचिंग छात्राओं की सुरक्षा अब प्राथमिकता। यह बदलाव लंबे इंतजार का नतीजा है, जो भविष्य को सुरक्षित बनाएगा।