हिंदू पंचांग जीवन का दर्पण है, जो सूर्योदय से सूर्यास्त तक हर पल का रहस्य उजागर करता है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में पंचमी तिथि 6 फरवरी शुक्रवार को है। हस्त नक्षत्र में कन्या राशि का चंद्रमा कार्यों को अनुकूल बनाएगा, किंतु राहुकाल आदि से सावधान रहें।
दृक पंचांगानुसार, तिथि 1:18 बजे रात तक, नक्षत्र दोपहर 12:23 बजे से अगली रात तक। सूर्य का उदय 7:06 बजे, अस्त 6:04 बजे। धृति योग 11:37 बजे तक समाप्त, करण कौलव 12:45 बजे तक फिर तैतिल।
मंगलकारी समय: ब्रह्म मुहूर्त 5:22-6:14, अभिजित 12:13-12:57, विजय 2:25-3:09, गोधूलि 6:02-6:28, अमृत काल 6:02-7:44। इनमें पूजन, विवाह या व्यापार प्रारंभ करें।
निषिद्ध काल: राहु 11:13-12:35, यमगंड 3:20-4:42, गुलिक 8:29-9:51। शास्त्रों के अनुसार इनसे कार्य विफल होते हैं।
विष्णुप्रिया लक्ष्मी का शुक्रवार है। विधिपूर्वक आराधना से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। पंचांग का सदुपयोग कर दिन को फलदायी बनाएं।