दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अशांति फैलाने वाली चाल को विफल कर दिया। रोहिणी और स्पेशल सेल की संयुक्त टीम ने बलजिंदर व रोहित उर्फ कीरथ को हिरासत में ले लिया, जो ‘प्रो-खालिस्तान’ जैसे नारों को दीवारों पर उकेर रहे थे। यह घटना दो अलग स्थानों पर हुई थी।
खुलासा हुआ कि कनाडा निवासी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने यह षड्यंत्र रचा। उसके करीबी ने दोनों को 2 लाख रुपये देकर यह जिम्मेदारी सौंपी। उद्देश्य साफ था- राजधानी में डर का माहौल बनाना और सरकारी ताकत को चुनौती देना। बलजिंदर एम्बुलेंस ड्राइवर है और रोहित उसका साथी।
पुलिस ने पन्नू पर पहले ही बीएनएस धारा 196, 197, 152 व 61 के तहत केस दर्ज कर लिया था। पन्नू का सोशल मीडिया वीडियो, जिसमें रोहिणी-डाबरी में खालिस्तानी पोस्टर लगाने का दावा था, ने अलर्ट बजा दिया। वर्तमान में पूछताछ से और राज खुल रहे हैं।
पुलिस को लगता है कि पन्नू के अन्य साथी भी सक्रिय हैं, जिनकी धरपकड़ तेज हो गई है। यह गिरफ्तारी न केवल तात्कालिक खतरे को रोका, बल्कि विदेशी साजिशों के खिलाफ सतर्कता का संदेश भी दिया। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली शांत रही, धन्यवाद पुलिस की सजगता का।