भारत-चीन के बीच सीमा विवाद के बाद ठंडे पड़े रिश्तों में गर्माहट के संकेत मिल रहे हैं। इसका प्रमाण है चीन का नई दिल्ली के आगामी एआई शिखर सम्मेलन में आधिकारिक दल भेजने का फैसला, जो 16 से 20 फरवरी तक चलेगा।
चीन के विज्ञान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करेंगे। भारतीय दूतावास ने वीजा प्रक्रिया शुरू कर दी है, जैसा एशिया ग्रुप के जॉर्ज चेन ने बताया। सम्मेलन में चीन की मौजूदगी की यह पहली ठोस पुष्टि है।
पिछले साल दिसंबर में चीनी मीडिया ने भारत के न्योते का जिक्र किया था, लेकिन अब कार्रवाई हो रही है। 2020 की हिंसक मुठभेड़ के बाद ऐप प्रतिबंध जैसे कदमों से उपजे तनाव में कमी मोदी-शी की हालिया भेंट से आई। पुतिन के साथ साझा वीडियो ने भी सकारात्मक संदेश दिया।
उड़ानों और वीजा सामान्यीकरण के बाद अब तकनीकी मंच पर सहयोग। चीन एआई क्षेत्र में नेतृत्व पक्का करने को सक्रिय है। बिल गेट्स जैसे वक्ताओं के बीच चीनी प्रतिनिधि महत्वपूर्ण चर्चाओं में शरीक होंगे।
लूनर न्यू ईयर के बावजूद भागीदारी से साफ है कि दोनों राष्ट्र एआई के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। यह समिट नई शुरुआत का प्रतीक बनेगा।