मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल से घोषणा की कि किसान सशक्तिकरण मध्य प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। बुधवार को जारी बयान में उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने और उनके हक की पूरी हिफाजत का भरोसा दिलाया।
फसल का सही मूल्य समय पर मिले, यही सरकार का मंत्र है। खरीफ 2025-26 में 51.74 करोड़ मीट्रिक टन धान खरीद इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है। राज्य की किसान हितैषी नीतियां कारगर साबित हो रही हैं।
प्रौद्योगिकी से लैस भुगतान सिस्टम से एमएसपी डायरेक्ट बैंक में। सामान्य धान पर 2369 रुपये क्विंटल एमएसपी तय, पिछले 2300 से 69 रुपये ज्यादा। यह बढ़ोतरी किसानों को उचित लाभ सुनिश्चित करती है।
पिछले वर्ष 1436 खरीद केंद्रों पर 669272 किसानों का 43.2 करोड़ मीट्रिक टन धान आया। इस सीजन 51.74 लाख मीट्रिक टन खरीदा गया, 48.36 लाख का परिवहन और 46.30 लाख मीट्रिक टन स्वीकृत।
12259 करोड़ के कुल मूल्य में से 11000 करोड़ का भुगतान हो चुका। इससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है और वे अगली बुआई के लिए तैयार हैं।
सरकार की सतत निगरानी से प्रक्रिया सुगम बनी हुई है। एमपी का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बनेगा, जहां किसान विकास ही राज्य का मूल मंत्र है।