पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल तेज हो गया है। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नई दिल्ली यात्रा को ‘कैमरा ड्रामा’ बताते हुए आड़े हाथों लिया। राज्यसभा सांसद सामिक भट्टाचार्य और सांसद सुकांत मजूमदार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वोटर सूची में बांग्लादेशी, रोहिंग्या और फर्जी नाम भरे हैं, जिन्हें साफ किया जाएगा।
1 से 4 फरवरी की इस यात्रा में ममता ने गेस्ट हाउस, चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के बाहर हंगामा किया। मजूमदार ने कहा, ‘यह सब टीवी कैमरों के लिए था। पहले से स्क्रिप्टेड प्लान फेल साबित हुआ।’ सुप्रीम कोर्ट जज ने ममता को ‘चुप रहने’ का इशारा किया, जो दुर्लभ है।
एसआईआर मौत मामलों पर मजूमदार ने चुनौती दी- कितने जिलाधिकारियों ने सीईसी को रिपोर्ट दी? मृत्यु प्रमाण-पत्र कितने सौंपे? ममता ने परिवारों को आयोग और मीडिया के आगे उतारा, कोर्ट में खुद लड़ीं। भट्टाचार्य ने पलटवार किया कि एसआईआर अन्य 12 राज्यों में ठीक चल रहा, बंगाल में TMC हल्ला मचा रही। 2005 में ममता खुद वोटर कार्ड की मांग कर चुकी थीं।
2200 किमी बांग्लादेश बॉर्डर पर निगरानी की कमियां बताईं- नदियां, झीलें घुसपैठ का रास्ता। राजनीतिक साहस और जनता की सतर्कता जरूरी। बीएलओ को धमकियां, महिला बीएलओ के पति पर जानलेवा हमला, भाजपा को फॉर्म रोका जा रहा।
2016 से 300+ भाजपा कार्यकर्ता शहीद, 2021 चुनाव में 27 दिनों में 56 हत्याएं, महिलाओं पर बलात्कार। टीएमसी कमजोर हुई तो कोर्ट और राजनीतिक दबाव का सहारा। भाजपा इसे वोटर सफाई का अभियान बना रही, जो आने वाले चुनावों का रूप ले सकता है।