पंजाब प्रांत के फैसलाबाद में पुलिस का ड्रग विरोधी अभियान ईसाई अल्पसंख्यकों पर संकट बन गया है। नेताओं ने आरोप लगाया है कि फर्जी सबूतों से नारकोटिक्स केस बनाकर समुदाय को बदनाम किया जा रहा है। दो महीने में दर्जनों छापे पड़े, जिनमें हेरोइन व चरस जैसे पदार्थ प्लांट कर गिरफ्तारियां हुईं।
प्रेस क्लब में लाला रॉबिन डेनियल समेत नेताओं ने कहा, ‘शराब के वैध लाइसेंस को ड्रग बताना कानून का अपमान है।’ सोशल मीडिया प्रचार से पूरा समुदाय अपराधी नजर आ रहा है, जो खतरनाक रुझान है।
धारा 9(सी) के तहत केस दर्ज कर पुलिस आंकड़े सुधार रही, ऐसा दावा किया गया। नेताओं ने मांगा कि खुफिया रिपोर्टिंग में पारदर्शिता हो। यह अभियान सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दे सकता है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता सतर्क हैं। ईसाई संगठन अदालती लड़ाई और विरोध प्रदर्शन की तैयारी में हैं, ताकि न्याय सुनिश्चित हो।